Saturday, 19 August 2017

37-----(हार कभी ना तुम मानो

    Poems
(C A/38/1975)
हार कभी ना तुम मानो


(हार कभी ना तुम मानो
 दूर कभी ना तुम भागो
देर भला कब होती है
समय पर प्यारे तुम जागो
दुख दर्दों की रोज कहानी
अपनी जानी तेरी मानी
 बचपन बीता बीती जवानी
 कभी ख़त्म होती कहानी
जो होना है होने दो
आलस को बस तुम त्यागो
दूर कभी ना तुम भागो
देर भला कब होती है
समय पर प्यारे तुम जागो

तेरी ताकत तू क्या जाने
 दुनिया भी  तो न पहचाने
रोज वो तुमसे कहती है
 ताने तुमको देती है
जीवन है संघर्ष यहां
कभी दूर ना तुम भागो
देर भला कब होती है
समय पर प्यारे तुम जागो
 समय पर प्यारे तुम जागो
 अर्चना व राज

36----खूब निभेगी तेरी मेरी---


035----पता नहीं कब होंगे कम


34-----इतना तुझे सताया


33----मैंने तुम्हें बताया


32-----शादी का है इंतजार

शादी का है इंतजार
Y/24/1337

सज धज के दुल्हन में बैठी है
शादी का है इंतजार
der हो गई बारात ना आई
क्यों हो गई तकरार
दहेज ना  मांगा
दुल्हन पसंद थी पहली
घर आए दुल्हन जल्दी
जल्दी आए उसकी डोली
प्यारse दोनों घर पर मिलते
डेट करी थी मुकर्रर ----
लड़ने का कोई ना आधार
बारात na फिर क्यों आई
दिल भी बैठा बड़ी उदासी
खुशी बनी तनहाई
किसने कर दी गलती
किसका रहा कसूर----
सपने सारे चकनाचूर
मेहनत गई बेकार
आज खुशी का दिन था सबका
क्यों हो गई तकरार-----
आज दुखी मन दुल्हन का है
बन कर बैठी नई नवेली
मन तो उसके क्या बीती है
दुखड़े कितने वो झेली
आज का दिन है धोखे वाला
कहां गई जीवन की बहार-----

(अर्चना राज)


31----कांटों की सैया


30----------दिल भी सहमा रहता है


29-----कभी मिले ना रुसवाई


28-----अचानक


28----शंमा प्यार की


27-----


26-----हर पल यही कहेंगे


25-----सड़क किनारे


24---घर में होगा फिर दंगा-------

आज का हास्य
लोगो, भैया, पंगा

Y/37/1350

अरे घर में लोगो, भैया, पंगा
करेंगे मिल के सारे दंगा
अरे भैया! सोच समझ के चलना है
वरना
लोग कहेंगे हमें लफंगा------
फ्री में सलाह हम भी देते
कर लो घर में समझौता
शांति मिलेगी जीवन में
वरना
महंगा पड़ेगा ये सौदा
बच्चे भी ना मानेंगे
वे हमसे दूर रहेंगे
हमें लगेगा जैसे दुश्मन घर के
कसर न कोई छोड़ेगा -----अरे------/
मिलके करेंगे
फिर हम को नंगा
घर में होगा फिर दंगा-------
अरे! घर आएगा जब भी कोई
तारीफ मिलेगी ना हम को
मुंह फुला  के सब घूमेंगे
जैसे नाच नचाया हमने सबको
यादों में हम खो जाएंगे
सोचेंगे ,हमने क्या किया
और क्या दिया
अफसोस !होगा हमको सुन के
सब ने हमको धोखा दिया
प्यार भरी थी रा तें  गुजरी
मन था अपना चंगा-------
घर में होगा फिर दंगा-------

(अर्चना राज)

23---ओ बाबुल !तुम से मेरी जुदाई


23-----कभी ना दुख देंगे


22---धीर कभी ना तुम खोना


22-----मिलना तुमसे हो दुश्वार


21----मुकाम तेरे नाम आया है

मुकाम तेरे नाम आया है
(Y/51/1364)

स्वर्ण अक्षर में लिखा है किसने
तेरे नाम आया है
जीत लिखी थी तुमने
अब पैगाम आया है
तेरे नाम आया है -----

सागर की लहरों ने भी
तुमको राह दिखाई
हर मुश्किल को तूने जीता
मंजिल करीब तेरे आई
खुशियों के पल हैं
मुकाम तेरे नाम आया है
सबके काम आया है
अब पैगाम आया है
तेरे नाम आया है -----

रात और दिन तूने एक किए हैं
मेहनत तेरी रंग लाई
लोग सभी जब सोते थे
कभी पास ना निंदिया आई
आज का दिन है अलग ,अनूठा
मुश्किल से यह आया है
मुकाम तेरे नाम आया है
सबके काम आया है
तेरे नाम आया है -----

सुन के सबके ताने
लोगों के बड़े बहाने
कभी न तूने हिम्मत हारी
और कभी न समझा उनके माने
ना कोई आया तुझे हराने
ये बदलाव कैसे आया है
मुकाम तेरे नाम आया है
सबके काम आया है
तेरे नाम आया है -----
(अर्चना राज)


20------बधाई हो बधाई

इस साल आईएएस की परीक्षा में सबसे ज्यादा प्रेरणादायक सफलता यही है, हमारे बच्चों के पास सब कुछ होते हुए भी वह प्राप्त नहीं कर पाते जो इन्होंने किया है
झोपड़पट्टी से बाहर निकलकर यह मुकाम हासिल किया है
खुशियां तूने बाटी हैं
(Y/50/1363)
प्यार से तूने दिल जीता है
दिल में तूने जगह बनाई
फूल खिले हैं गुलशन गुलशन
महफिल तुमने खूब सजाई
एक तरफ तेरी मेहनत थी
एक तरफ थे कांटे
हर पल देखा तुझको लड़ते
(और) कभी ना दुख को तूने बांटे
आज उसी का फल है
मुरझाए देखो फूल खिला
खुशियां तूने बाटी हैं
तुमसे जो भी जब मिला-------1
जो काम कभी मुश्किल था
आसां तूने कर दिया
कभी किसी ने ना सोचा था
कैसे तूने सब किया
प्यार मोहब्बत तूने बढ़ाया
अब नहीं किसी से कोई गिला
खुशियां तूने बाटी हैं
तुमसे जो भी जब मिला-------2
तेरा बड़ा मुकाम था
मैंने देखी तेरी लड़ाई
मुझे सफलता दूर लगती थी
कमजोर कभी ना तू आई
यही सफलता ;नाज है सबको
तूने हटाई बड़ी सिला
खुशियां तूने बाटी हैं
तुमसे जो भी जब मिला-------3
बधाई हो बधाई

(अर्चना राज)

19-------दूर कभी ना तुम जाओ

दूर कभी ना तुम जाओ
Z-13/1377
पास जरा तुम  आओ
हमको भी बताओ
दिल की धड़कन से पूछो
दूर कभी ना जाओ
दिन रात तड़पता रहता हूं
याद में तेरी करता हूं
प्यार मेरा तुम  बन जाओ
दूर कभी ना तुम जाओ --
मुझको तुम्हें बताना है
तेरी बाहों में खो जाना है
मेरे लिए ही तुम आई हो
क्या राज अभी  छुपाई हो
कह दो सबसे बोल के तुम
सबको तुम ही बताओ
दूर कभी ना जाओ------
दिल से अपने पूछ के देखो
थोड़ा तुम भी जान के देखो
दिल से तुम्हें जवाब मिलेगा
साथ में मेरा ना ये छोड़ेगा
नफरत दूर हटा दो अब
हमको गले लगा लो अब
वक्त का यही तकाजा है
अब गुलशन को महकाओ-----
मिले ना तुम हम पछताएंगे
जब चिड़िया चुग गई खेत
हाथ मलते रह जाएंगे
जैसे मुट्ठी बिच खिसकता रेत
ऊपर वाला हमें मिलाया
तुमको मेरा पता बताया
दिल में अपने मुझे बसा लो
देर करो ना अब अपना लो
जल्दी-जल्दी अपना बनाओ
दूर कभी ना तुम जाओ

(अर्चना राज)