Saturday, 19 August 2017

21----मुकाम तेरे नाम आया है

मुकाम तेरे नाम आया है
(Y/51/1364)

स्वर्ण अक्षर में लिखा है किसने
तेरे नाम आया है
जीत लिखी थी तुमने
अब पैगाम आया है
तेरे नाम आया है -----

सागर की लहरों ने भी
तुमको राह दिखाई
हर मुश्किल को तूने जीता
मंजिल करीब तेरे आई
खुशियों के पल हैं
मुकाम तेरे नाम आया है
सबके काम आया है
अब पैगाम आया है
तेरे नाम आया है -----

रात और दिन तूने एक किए हैं
मेहनत तेरी रंग लाई
लोग सभी जब सोते थे
कभी पास ना निंदिया आई
आज का दिन है अलग ,अनूठा
मुश्किल से यह आया है
मुकाम तेरे नाम आया है
सबके काम आया है
तेरे नाम आया है -----

सुन के सबके ताने
लोगों के बड़े बहाने
कभी न तूने हिम्मत हारी
और कभी न समझा उनके माने
ना कोई आया तुझे हराने
ये बदलाव कैसे आया है
मुकाम तेरे नाम आया है
सबके काम आया है
तेरे नाम आया है -----
(अर्चना राज)


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