ओ ! मन मोहक मुरली वाले
(Hindi Poem-H006/00406
(Hindi Poem-H006/00406
|
ओ ! मन मोहक मुरली वाले
(Hindi Poem-H006/00406)
तेरी अदा, पे फिदा जमाना,
साज बजाता,
पल -2 गाता,
हर पल लाता, नया तराना खोलो ! अब तो
बन्द दिलो के ताले
ओ ! मन मोहक मुरली वाले I1I
गीत प्रेम के मिल के गाते,
दिल से तुझको सभी मनाते, सोया अपना भाग्य जगाते, ओ ! दुनिया के रखवाले ओ ! मन मोहक मुरली वाले I2I
प्रेम का तूने पाठ पढ़ाया,
बगिया महकी, रास रचाया, दुष्टों को तू राह हटाया , हम ढूँढ रहे मतवाले, ओ ! मन मोहक मुरली वाले I3I |
मीठी मुरली तूने बजाई,
प्रेम की तूने अलख जगाई, प्रेम की दुनिया तूने बसाई, कहाँ छिपा,ओ!
वृन्दावन के ग्वाले
ओ ! मन मोहक मुरली वाले I4I
तेरा जीवन रहस्य कहानी,
हरदम सुनते. सबकी जुबानी , ताकत तेरी दिल से मानी, पल में तोड़े तूने ताले, ओ ! मन मोहक मुरली वाले I5I
जो भी वृन्दावन में आया,
रहस्य जान अज्ञान मिटाया, तुझको समझा ,मुक्ति पाया, हां ! उपदेश तेरे
बड़े निराले,
ओ ! मन मोहक मुरली वाले I6I
शरण में तेरी जो भी आता,
|
भेद भाव सब मिट जाता , सबका रहता तू ही दाता, हम भी करते
तेरे हवाले
ओ ! मन मोहक मुरली वाले I7I
फिर से पधारो मेरे देश ,
महका दो प्यारा ,अपना देश, प्रेम शातिं का दे संदेश, भ्रम को तो ड़ो
जो भी पाले
ओ ! मन मोहक मुरली वाले I8I
तेरी अदा, पे फिदा जमाना,
साज बजाता,पल -2 गाता, हर पल लाता, नया तराना खोलो ! अब तो बन्द दिलो के ताले ओ ! मन मोहक मुरली वाले !!
(अर्चना & राज)
|

No comments:
Post a Comment