Saturday, 19 August 2017

12----माँ का प्यार मिला जब ?,

Happy Mother's Day to all friends
(X/31/1293)

छोटी सी है जिन्दगी ,
छोटी सी है दुनिया,
माँ का प्यार मिला जब ?,
खिल उठी ! नन्ही मुनिया

दूर है मंजिल ,
दूर हैं सभी मुकाम ,
माँ का भरोसा साथ में था ,
बन गये सारे बिगड़े काम,
प्यार से ऊंगली ;,माँ की जब,
बालो पे् चलती
जो भी राहें कठिन भला ,
आंसा सब थी बनती ,
ताकत भी प्रश्न करे ,
क्या माँ का द्वध पिया ?

छोटी सी है जिन्दगी ,
छोटी सी है दुनिया
माँ का प्यार मिला जब,
खिल उठी नन्ही मुनिया

पल वो बड़े सुहाने थे
याद अभी आते हैं ,
आंख में आंसू लाते हैं
याद हमें दिलाते हैं ,
रात भी बीतीं,
दिन भी बीते,
लौट के वापस आये ,
मन भरता है,
मन करता है,
हम्ही लौट के जायें
सपना जैसा लगता है
जो तुमने प्यार दिया

छोटी सी है जिन्दगी ,
छोटी सी है दुनिया
माँ का प्यार मिला जब,
खिल उठी नन्ही मुनिया


अर्चना व राज

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