Friday, 19 June 2020

-हिन्दी ------मेरी कवितायें: 38-अपना बनता सारा जहां (Hindi Poem/AZ//03/2003)

-हिन्दी ------मेरी कवितायें: 38-अपना बनता सारा जहां (Hindi Poem/AZ//03/2003): अपना बनता सारा जहां (Hindi Poem/AZ//03/2003) दिल में जिसके समाये राम वो प्रेम से जपता सीताराम दुख-दर्दों सेमिले निजात ये लाख ट...

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