भारत की नारी हूं मैं
Raj/A/4
सजा प्यार को नहीं दे सकती
चाहे मुझको जलना हो
पतवार मिले या नय्या डूबे
नहीं मुझे अब गिरना है -----
मेरा प्यार है सच्चा दिल से
नहीं झूठ से कोई नाता
भारत की नारी हूं मैं
बदल सका ना इसे विधाता
यही ख्वाब में मन में रखती
चाहे मुझको जलना
हो
पतवार मिले या नय्या डूबे
नहीं मुझे kabhi नहीं गिरना है ----
देखा पुरुषों
का शासन
समझना और समझाना है
नारी हूं नारी
के दुख को भी जा नूं
बेकार बंदिशें बंद कराना है
पा सकी ना नारी सम्मान
अपमान देkhकर कहती हूं
पतवार मिले या नय्या डूबे
नहीं मुझे नहीं गिरना है ----
पुरुषों के षड्यंत्र प्यार से
धोखा देते नाम प्यार से
पावन प्यार ये भारत में
हवा ये दूषित अंग्रेजी ब्यार से
भारत की पावन संस्कृत ने
जो सम्मान दिया
है मुझको
लेकर फिर से चलना है
पतवार मिले या नय्या डूबे
नहीं मुझे नहीं गिरना है ---
झूठ नाम लोभ लालच
पद पैसे का मोह
नहीं
मेरी सभ्यता मेरी संस्कृत
वही है दौलत मेरी सही
धर्म का पालन करना
है
पतवार मिले या नय्या डूबे
नहीं मुझे नहीं गिरना है ---
चमकीले शर्मीले बनकर
धोखा मैं समझती हूं
जाल फैलाएं दुष्टों ने
मैं अच्छी तरह निपटती हूं
प्रेम का जवाब प्रेम है
शक्ति दुर्गा की मैं रखती हूं
आने वाले तूफानों से मैं
इसको भी समझती
हूं
कैसे मुझे निपटना है
हौसला मैं रखती हूं
अवला अबला कह कर के
मेरा किया इतना अपमान
घुटन भरा जीवन देखूं
बना सकी ना मैं पहचान
हंसी मुझे भी आती है
बलात्कारी हंसता है कैसे
बातें राजनीति की उसको
देती सुरक्षा है कैसे
अब ना कोई मुझे अबला समझे
अबला बनकर ना रहना
मुझको
देश सभ्यता संस्कृत की खातिर
अब सुरक्षा करनी है मुझको
सदा चेतावनी समझो
इसको
नहीं मुझे अब डरना है
पतवार मिले या नय्या डूबे
नहीं मुझे नहीं गिरना है ---
( अर्चनाराज़)

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